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कामदेव का देवकार्य के लिए जाना और भस्म होना – Kaamdev goes to break Shiv ji’s trance and gets burnt to ashes
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📙 BalKand
📖 Episode: कामदेव का देवकार्य के लिए जाना और भस्म होना – Kaamdev goes to break Shiv ji’s trance and gets burnt to ashes
✨ Type: Chaupai
🔢 Doha: 84
📿 Navah Day 1
📅 Maas Day 3
Chaupai 5
छंद :
* भागेउ बिबेकु सहाय सहित सो सुभट संजुग महि मुरे।
सदग्रंथ पर्बत कंदरन्हि महुँ जाइ तेहि अवसर दुरे॥
होनिहार का करतार को रखवार जग खरभरु परा।
दुइ माथ केहि रतिनाथ जेहि कहुँ कोपि कर धनु सरु धरा॥
* भागेउ बिबेकु सहाय सहित सो सुभट संजुग महि मुरे।
सदग्रंथ पर्बत कंदरन्हि महुँ जाइ तेहि अवसर दुरे॥
होनिहार का करतार को रखवार जग खरभरु परा।
दुइ माथ केहि रतिनाथ जेहि कहुँ कोपि कर धनु सरु धरा॥
Hindi Meaning
"विवेक अपने सहायकों सहित भाग गया, उसके योद्धा रणभूमि से पीठ दिखा गए। उस समय वे सब सद्ग्रन्थ रूपी पर्वत की कन्दराओं में जा छिपे (अर्थात ज्ञान, वैराग्य, संयम, नियम, सदाचारादि ग्रंथों में ही लिखे रह गए, उनका आचरण छूट गया)। सारे जगत् में खलबली मच गई (और सब कहने लगे) हे विधाता! अब क्या होने वाला है? हमारी रक्षा कौन करेगा? ऐसा दो सिर वाला कौन है, जिसके लिए रति के पति कामदेव ने कोप करके हाथ में धनुष-बाण उठाया है?"
English Meaning
"Wisdom fled along with his attendants, and his once-valiant soldiers turned their backs on the battlefield. Seeking refuge, they hid within mountain caves, taking the form of sacred Scriptures. Chaos spread across the world as beings trembled in fear, wondering, “O’ Lord, what will happen now? Who will come to our rescue? Who is this two-headed being for whom Kaamdev, the husband of Rati, has taken up his bow and arrows in fury?”"
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